यीशु मसीह का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

 बाइबिल के आधार पर, यीशु मसीह का जन्म यहूदिया के बैतलहम (Bethlehem in Judea) नामक स्थान पर हुआ था। यह घटना रोम के सम्राट ऑगस्टस (Caesar Augustus) के समय हुई, जब पूरे साम्राज्य में जनगणना का आदेश दिया गया था।

यीशु के माता-पिता, मरियम और यूसुफ, जनगणना के लिए नासरत (Nazareth) से बैतलहम आए थे, क्योंकि यूसुफ राजा दाऊद के वंश से थे, और बैतलहम उनके पूर्वजों का नगर था।

बाइबिल के संबंधित वचन:

  1. मत्ती 2:1
    "जब हेरोदेस राजा के दिनों में यहूदिया के बैतलहम में यीशु का जन्म हुआ, तो देखो, कुछ ज्योतिषी पूरब से यरूशलेम में आकर पूछने लगे।"

  2. लूका 2:4-7
    "और यूसुफ भी गलील के नासरत नगर से दाऊद के नगर बैतलहम को गया... जब वे वहाँ थे तो ऐसा हुआ कि उसके जनने का समय आ गया। और उसने अपने पहिलौठे पुत्र को जन्म दिया और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा; क्योंकि उनके लिए सराय में जगह न थी।"

जन्म का समय:

यीशु मसीह का जन्म पहली सदी ईस्वी के प्रारंभिक वर्षों में हुआ था। यद्यपि सटीक वर्ष का उल्लेख बाइबिल में नहीं किया गया है, लेकिन इतिहासकारों का मानना है कि यह घटना लगभग 4 ईसा पूर्व (4 B.C.) में हुई होगी।

विशेषताएँ और महत्व:

  1. यीशु का जन्म एक साधारण और विनम्र स्थान पर हुआ—एक चरनी (manger) में। यह इस बात को दर्शाता है कि वे गरीबों और साधारण लोगों के लिए भी आए थे।
  2. स्वर्गदूतों ने चरवाहों को इस शुभ घटना की सूचना दी, जो यह दिखाता है कि यीशु मसीह का संदेश हर वर्ग के लिए है।
  3. पूरब के ज्योतिषियों ने यीशु को खोजा और उन्हें सोना, लोबान, और गंधरस भेंट में दिया, जो उनकी राजसी और दिव्य पहचान को दर्शाते हैं।

इस प्रकार, यीशु मसीह का जन्म बाइबिल के अनुसार मानव जाति के उद्धार के लिए परमेश्वर की योजना का आरंभ था।

Gk Mehara

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